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वरलक्ष्मी व्रत 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि

लेखक: आचार्य अथर्व शुक्ला | तिथि: August 21, 2026 | पढ़ने का समय: 10 मिनट पठन

सनातन धर्म में माता लक्ष्मी को धन, ऐश्वर्य, सुख-समृद्धि और सौभाग्य की देवी माना गया है। इन्हीं माता लक्ष्मी के वर प्रदान करने वाले स्वरूप की आराधना के लिए वरलक्ष्मी व्रत किया जाता है। वर्ष 2026 में वरलक्ष्मी व्रत 28 अगस्त, शुक्रवार को है।

वरलक्ष्मी पूजा के शुभ मुहूर्त (दिल्ली/उत्तर भारत): प्रातः सिंह लग्न: 05:57 AM से 07:30 AM, अपराह्न वृश्चिक लग्न: 12:09 PM से 02:28 PM, सायंकाल कुंभ लग्न: 06:13 PM से 07:39 PM, रात्रि वृषभ लग्न: 10:36 PM से 12:30 AM (29 अगस्त)।

धार्मिक महत्व: 'वरलक्ष्मी' का अर्थ है वरदान देने वाली लक्ष्मी। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा करने से धन-धान्य, सौभाग्य, संतान एवं पारिवारिक कल्याण का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह व्रत विशेष रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा अखंड सौभाग्य के लिए किया जाता है।

पूजा विधि: प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें। कलश स्थापना करें और नारियल रखें। भगवान गणेश की पूजा से शुरुआत करें। माता लक्ष्मी को पंचामृत स्नान कराएं, वस्त्र, कुमकुम, हल्दी, अक्षत और पुष्प अर्पित करें।

वरलक्ष्मी व्रत कथा का श्रवण करें और अंत में आरती करें। नैवेद्य में फल, मिठाई या खीर अर्पित करें। इस दिन पवित्र सूत्र (कलावा) बांधने की भी विशेष परंपरा है।

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