सावन भौम प्रदोष 2026: 25 अगस्त शुभ मुहूर्त और शिव पूजा विधि
लेखक: आचार्य अथर्व शुक्ला | तिथि: August 11, 2026 | पढ़ने का समय: 8 मिनट पठन
श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। सावन में सोमवार, प्रदोष व्रत और शिव आराधना का विशेष महत्व होता है। वर्ष 2026 में 25 अगस्त, मंगलवार को श्रावण शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पड़ रही है और इस दिन भौम प्रदोष व्रत मनाया जाएगा।
25 अगस्त 2026 को भौम प्रदोष व्रत है। मंगलवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष कहा जाता है। सावन मास में आने के कारण इस दिन शिव आराधना का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। प्रदोष काल भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष माना गया है।
पूजा विधि: प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान शिव-पार्वती का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। शिवलिंग पर शुद्ध जल, गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद आदि से अभिषेक करें। भगवान शिव को बेलपत्र, पुष्प, अक्षत, चंदन और धूप-दीप अर्पित करें। 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करें।
भौम प्रदोष और मंगल ग्रह: मंगलवार को पड़ने के कारण ज्योतिषीय दृष्टि से मंगल साहस, ऊर्जा, और भूमि का कारक माना जाता है। इस दिन शिव आराधना के साथ मंगल से संबंधित शांति प्रार्थना करना साधकों के लिए शुभ रहता है। सावन का प्रत्येक दिन शिव भक्ति के लिए विशेष है।