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हरियाली तीज 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व, कथा एवं उपाय

लेखक: आचार्य अथर्व शुक्ल | तिथि: July 28, 2026 | पढ़ने का समय: 12 min read

हरियाली तीज हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पावन एवं मंगलकारी पर्व है। यह पर्व मुख्य रूप से भगवान शिव एवं माता पार्वती के पुनर्मिलन की स्मृति में मनाया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएँ अपने पति की दीर्घायु एवं सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएँ योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति हेतु माता पार्वती एवं भगवान शिव की आराधना करती हैं। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व वर्षा ऋतु की हरियाली, प्रकृति की सुंदरता और वैवाहिक सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

हरियाली तीज 2026 कब है? वर्ष 2026 में हरियाली तीज 16 अगस्त 2026, रविवार को मनाई जाएगी। (तिथि: श्रावण शुक्ल तृतीया)। पूजा एवं व्रत करते समय अपने क्षेत्र के स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि और शुभ मुहूर्त अवश्य देखें।

हरियाली तीज का धार्मिक महत्व: सनातन परंपरा के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए अनेक वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। इसी दिव्य मिलन की स्मृति में हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत एवं पूजा करने से— वैवाहिक जीवन में प्रेम एवं मधुरता आती है, अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं, दाम्पत्य जीवन में सुख, समृद्धि एवं सौहार्द बढ़ता है, और शिव-पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

हरियाली तीज पूजा विधि: (1) प्रातः ब्रह्ममुहूर्त में स्नान करें। (2) स्वच्छ एवं हरे रंग के वस्त्र धारण करें। (3) पूजा स्थान पर भगवान शिव, माता पार्वती एवं श्रीगणेश की प्रतिमा स्थापित करें। (4) गंगाजल से शुद्धिकरण करें। (5) बेलपत्र, धतूरा, आक के पुष्प, फल, मिठाई एवं श्रृंगार सामग्री अर्पित करें। (6) माता पार्वती को सोलह श्रृंगार अर्पित करें। (7) शिव-पार्वती विवाह कथा अथवा हरियाली तीज व्रत कथा का श्रवण करें। (8) 'ॐ नमः शिवाय' एवं 'ॐ पार्वत्यै नमः' मंत्र का जप करें। (9) आरती कर परिवार के कल्याण की प्रार्थना करें।

हरियाली तीज व्रत के नियम: सात्विक भोजन करें, क्रोध एवं कटु वचन से बचें, ब्रह्मचर्य एवं मन की पवित्रता बनाए रखें, भगवान शिव एवं माता पार्वती का ध्यान करें, तथा निर्धनों को दान दें जो अत्यंत शुभ माना गया है। हरियाली तीज पर हरे वस्त्र, सुहाग सामग्री, फल, मिठाई, मेहंदी, चूड़ियाँ, गौसेवा हेतु दान, अन्न एवं दक्षिणा का दान करना शुभदायी होता है।

हरियाली तीज के विशेष ज्योतिषीय उपाय (Om Jyotish Sansthan): (1) विवाह में विलंब हो रहा हो: भगवान शिव एवं माता पार्वती को पीले पुष्प अर्पित करें तथा 'ॐ गौरीशंकराय नमः' मंत्र का 108 बार जप करें। (2) दाम्पत्य जीवन में तनाव हो: शिवलिंग पर दूध एवं जल से अभिषेक करें तथा 'ॐ नमः शिवाय' का जप करें। (3) आर्थिक उन्नति हेतु: भगवान शिव को शुद्ध घी का दीपक अर्पित करें एवं माता लक्ष्मी का स्मरण करें। (4) संतान सुख हेतु: शिव परिवार की पूजा कर बच्चों को फल एवं मिठाई का दान करें।

हरियाली तीज की पौराणिक कथा (संक्षेप): पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए अनेक जन्मों तक कठोर तप किया। अंततः श्रावण शुक्ल तृतीया के दिन भगवान शिव ने उनकी तपस्या स्वीकार कर उन्हें अपनी अर्धांगिनी बनाया। तभी से यह दिन अखंड सौभाग्य, प्रेम एवं समर्पण का प्रतीक माना जाता है।

निष्कर्ष: हरियाली तीज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, प्रेम, समर्पण और दाम्पत्य जीवन की मंगलकामना का पावन उत्सव है। इस दिन श्रद्धा एवं विधिपूर्वक भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास होता है। यदि आप अपनी जन्मकुंडली, विवाह, ग्रहदोष, मुहूर्त, वास्तु अथवा धार्मिक अनुष्ठानों से संबंधित परामर्श चाहते हैं, तो Om Jyotish Sansthan के संस्थापक आचार्य अथर्व शुक्ल से संपर्क कर सकते हैं।

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